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स्वतंत्र भारत में सर्वोच्च सैन्य पुरुस्कार प्राप्त करने वाले वीर राजपूत सैनिक

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                          हनुतसिंह राठौड़ जो लोग आजकल राजपूतों के शौर्य बलिदान और वीरता पर सवाल उठाते है और हमे गुजरे हुए कल की बात बताते हैं वो जान लें कि स्वतंत्र भारत में भी सबसे ज्यादा सैन्य पुरुस्कार जिस समाज ने जीते हैं वो राजपूत समाज के वीर सैनिको ने जीते हैं। ----परमवीर चक्र: सर्वोच्च सैन्य सम्मान----- # राजपूत जिन्हे परमवीर चक्र से नवाजा गया है- 1. नायक जादुनाथ सिंह राठौड़ 2. हवलदार पीरु सिंह शेखावत 3. कप्तान गुरुबचन सिंह सलारिया 4. मेजर शैतान सिंह भाटी 5. राइफल मैन संजय कुमार डोगरा # राजपूत जिन्हे महावीर चक्र से नवाजा जा चुका है - 1. ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह डोगरा 2. सिपाही दीवान सिंह 3. मेजर खुशाल चंद 4. लेफ्टिनेंट किशन सिंह राठौर 5. ब्रिगेडियर यदुनाथ सिंह भाटी 6. मेजर ठाकुर पृथि चन्द 7. राइफलमैन धोकल सिंह 8. नाइक नर सिंह 9. लेफ्टिनेंट कर्नल कमल सिंह पठानिया 10. लेफ्टिनेंट कर्नल अनंत सिंह पठानिया 11. लेफ्टिनेंट भगवान् दत्त डोगरा 12. ब्रिगेडियर शेर प्रताप सिंह श्रीकंठ 13. राइफलमैन जसवंत सिंह 14. कप्तान चन्दर नारायण...

महावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह रावत (JASVANT SINGH RAWAT,THE GREAT RAJPUT SOLDIER)

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भारतीय सेना का इकलौता जवान जिसे मौत के बाद भी प्रमोशन और छुट्टियाँ मिलती है----- Rajputana Soch राजपूताना सोच और क्षत्रिय इतिहास जसवंत सिंह रावत------ भारतीय सेना का इकलौता जवान जिसे मौत के बाद भी प्रमोशन और छुट्टियाँ मिलती है----- आज हम आपको भारतीय सेना के  एक ऐसे वीर राजपूत सैनिक की हैरतअंगेज गाथा सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप सभी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। मूलरूप से पौड़ी उतराखंड के रहने वाले वीर जवान जसवंत सिंह रावत की दास्तां अब दुनिया देखेगी।यह जसवंत सिंह की वीरता ही थी कि भारत सरकार ने उनकी शहादत के बाद भी सेवानिवृत्ति की उम्र तक उन्हें उसी प्रकार से पदोन्नति दी, जैसा उन्हें जीवित होने पर दी जाती थी। भारतीय सेना में अपने आप में यह मिसाल है कि शहीद होने के बाद भी उन्हें समयवार पदोन्नति दी जाती रही। मतलब वह सिपाही के रूप में सेना से जुड़े और सूबेदार के पद पर रहते हुए शहीद हुए और अब वो मेजर की पोस्ट पर कार्यरत है ... महावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह ने वर्ष 1962 में हुए युद्ध में अकेले ही चीन की सेना को 72 घंटो तक रोके रखा था।अरूणाचल में इस जवान को बाबा ...

लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौर (Sagat singh rathore the unsung hero of indo pak bangladesh war in 1971)

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वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में बांग्लादेश विजय के असली नायक जनरल सगत सिंह राठौड़ जिन्हें जानबूझकर जीत का श्रेय नही दिया गया Rajputana Soch राजपूताना सोच और क्षत्रिय इतिहास लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौर the unsung hero of indo pak bangladesh war in 1971  ====================================== मित्रों दिनांक 16 दिसम्बर 1971 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर जबर्दस्त विजय हासिल की थी.ढाका में पाकिस्तान सेना के 93000 सैनिको ने भारतीय सेना के समक्ष हथियार डाल कर आत्मसमर्पण कर दिया था,जिससे एक नए देश बांग्लादेश का उदय हुआ था, इस विजय के नायक थे लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौर, जिन्होंने इस युद्ध में भारतीय सेना के अभियान का नेत्रत्व किया था,सगत सिंह राठौर भारतीय सेना के सबसे कामयाब सेनानायक रहे हैं,उन्हें जो भी लक्ष्य दिया गया इन्होने उससे बढकर परिणाम दिए.वे हमेशा आगे बढकर नेत्रत्व करते थे और अपने सैनिको का हौसला बढ़ाते थे. ============================================ जीवन परिचय-------------- सगत सिंह जी का जन्म 14 जुलाई 1919 को बीकानेर में ठाकुर बृजपाल सिंह राठौर के यहाँ हुआ था,सगत ...

महावीर चक्र विजेता वीर लेफ़्टिनेंट जनरल वीर हणूत सिंह राठौड जसाेल जी( Lt Gen Hanut Singh Rathore)

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1971 के युद्ध में पाकिस्तान के 48 टैंको को नेस्तनाबूद करने वाले आधुनिक विश्वामित्र वीर हणूत सिंह राठौड  Rajputana Soch राजपूताना सोच और क्षत्रिय इतिहास हणूत सिंह राठौड़ जसोल ( Lt Gen Hanut Singh Rathore )---------- सन् 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में महावीर चक्र विजेता जिन्हाेने अद्वितीय रणनीती से पाकिस्तान के 48 से अधिक टेंकाे काे नेस्तानाबूद कर दिया था।इस युद्ध के कारण ही भारतीय सेना लाहौर को घेरने में सफल हुई थी जिससे 1971 की लड़ाई में भारत पाकिस्तान के शकरगढ़ क्षेत्र में विजयी हुआ था। ========================================================== जीवन परिचय----- हणूत सिंह राठौड़ जसोल रावल मल्लिनाथ के वंशज थे,उनका वंश राठौड़ो के वरिष्ठ शाखा महेचा राठौड़ है,उनके पिता lt .col अर्जुन सिंह जी थे,इनका जन्म 6 जुलाई 1933 को राजस्थान के बाड़मेर की जसोल रियासत में हुआ था। स्कूली शिक्षा दून के कर्नल ब्राउन स्कूल से हुई थी।  इन्हे 28 दिसंबर 1952 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त हुआ। आज़ाद भारत के 12 महानतम जनरलाें में शामिल थे। और भारतीय फाैज में जनरल हनुत के नाम से famous जनरल साब अभी द...

ठाकुर बलवन्त सिंह बखासर(1971 के भारत पाक युद्ध के हीरो)

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BALWANT SINGH BAKHASAR (CHAUHAN) THE HERO OF 1971 INDO-PAK WAR Rajputana Soch राजपूताना सोच और क्षत्रिय इतिहास चौहान बलवंत सिँह बाखासर(chauhan balvant singh bakhasar) (कहानी एक सच्चे देश प्रेमी धर्मपरायण जिंदा शेर दिल राजपूत की ) भारत की आजादी के बाद 60 70वे दशक मे पश्चिमी राजस्थान के लिए एक जाना पहचाना नाम था बलवँत सिँह बाखासर! गुजरात राजस्थान के सरकारी महकमे और पुलिस विभाग के लिए डकैत लेकिन बाडमेर साँचोर ओर उत्तरी गुजरात के वाव थराद सीमावर्ती गाँवो के लिए वे आधुनिक राबिन हुड समान थे बलवंत सिंह का जन्म राजस्थान के  बाड़मेर जिला के गांव बाखासर में चौहानो की नाडोला उप शाखा में हुआ आपकी शादी कच्छ गुजरात के विजेपासर गाव में जडेजा राजपूतो के यहाँ हुयी आपका बचपन राजस्थान गुजरात और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रो में गुजरा ये पूरी तरह यहाँ के सीमावर्ती क्षेत्रो को लेकर वाकिफ थे वक़्त के साथ बलवंत सिंह ने हथियार उठा दिए आजादी के बाद पाकिस्तान के सिँधी मुस्लिमो का सीमावर्ती क्षेत्रो मे आतँक था उस वक़्त बॉर्डर खुला होने की वजह से सिँधी मुस्लिम आये दिन भारतीय सीमा में आकर लूट पाठ करने लगे इधर ...