वीर कान्हड़देव सोनगरा,जिन्होंने अलाउद्दीन ख़िलजी से छीनी सोमनाथ मन्दिर की लूटी हुई मूर्तियां और बनवाया भव्य मन्दिर
=== वीर कान्हड़देव सोनगरा,जिन्होंने अलाउद्दीन ख़िलजी से छीनी सोमनाथ मन्दिर की लूटी हुई मूर्तियां और बनवाया भव्य मन्दिर === VEER KANHARDEV SONIGARA जालौर के वीर कान्हड़देव सोनीगरा जिन्होंने अल्लाउद्दीन ख़िलजी से छीनी सोमनाथ मंदिर से लूटी हुयी मुर्तिया और बनवाया भव्य मंदिर राजपुताना हमेशा धर्म की रक्षा में आगे रहा है कण कण में वीरो का बलिदान है ऐसा कोई गाव नही जहा राजपूत झुंझार की देवालय छतरिया न हो वक़्त 12वीं शताब्दी जब भारत तुर्को के जिहादी हमले झेल रहा था उसी समय जालौर में चौहानो की शाखा सोनीगरा में महाराजा सामंत सिंह के यहाँ जन्म हुआ वीर कान्हड़देव का जो आगे चल कर जालौर के राजा बने उनके कुशल नेतृत्व में जालौर की सीमाये सुदृढ़ हुयी और कान्हड़देव जी स्वर्णगिरी दुर्ग से राज्य चलने लगे राज्य में एक से बढ़ कर एक योद्धा थे उसी समय अल्लाउद्दीन ख़िलजी ने गुजरात में आक्रमण किया और बहुत मार काट मचाई उसने हिन्दुओ के 12 ज्योतीर्लिंग में से एक सोमनाथ महादेव के मंदिर को 1298 ईस्वी में पुनः लूटा और हजारो लोगो को गुलाम बना कर अल्लाउद्दीन ख़िलजी की सेना ने सेनापति उलुग खा के साथ उत्तर की तरफ रुख किया...