पुरु वंश और महान राजपूत यौद्धा पोरस की विश्वविजयी सिकन्दर पर विजय( PURU-PORAS, THE GREAT RAJPUT WARRIOR WHO DEFEATED ALEXANDER THE GREAT)
पुरु वंशी राजपूत और महान यौद्धा पोरस की सिकंदर पर विजय Rajputana Soch राजपूताना सोच और क्षत्रिय इतिहास मित्रों आज हम आपको प्राचीन चंद्रवंशी क्षत्रिय "पुरु वंश,इसकी शाखा हरिद्वार क्षत्रिय" के बारे में जानकारी देंगे और पुरुवंशी राजपूत राजा पोरस द्वारा विश्वविजेता सिकंदर को दी गई करारी पराजय के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे.......... =========================== पुरु वंश का परिचय और गोत्र प्रवर---- चंद्रवंशी महाराजा ययाति के पुत्र पुरु के वंशज पुरु,पौर,पौरववंशी वंशी क्षत्रिय कहलाते हैं,इस वंश के महाराजा मतिनार सूर्यवंशी सम्राट मान्धाता के नाना थे,महाराजा पुरु से एक शाखा कुरु वंश की चली,इनसे चन्द्रवंश की अन्य शाखाएँ भी चली,एक शाखा बाद तक पुरु या पौरव वंशी कहलाती रही... गोत्र--भारद्वाज प्रवर तीन--भारद्वाज,ब्रह्स्पतय,अंगिरस वेद--यजुर्वेद शाखा--वाजसनेयी नदी--महेंद्र तनया(सतलुज) वृक्ष--वट छत्र--मणिक मुक्त स्वर्ण छत्र ध्वजा--लाल झंडे पर चंद्रमा का चिन्ह शस्त्र--खडग परम्परा--विजयादशमी को खडग पूजन होता है शाखाएँ--हरिद्वार क्षत्रिय राजपूत,कटोच राजपूत,पुरी(खत्री) गद्दी एवं राज्य--प्रत...