YADUVANSHI CHUDASMA KSHATRIYA CLAN
RAJPUTANA SOCH और क्षत्रिय इतिहास यदुवंशी चुडासमा क्षत्रिय वंश ==चुडासमा क्षत्रिय_वंश परिचय== गोत्र : अत्रि वंश : चन्द्रवंश / यादव / यदुवंश शाखा : माध्यायनी कुल देवी : अम्बा भवानी सहायक देवी: खोडियार माँ आदि पुरुष: आदिनारयण भगवान कुल देवता: भगवन श्री कृष्ण तलवार : ताती ध्वजा : केसरी शंख: अजय नदी: कालिंदी नगाड़ा : अजीत मुख्य गद्दी : जूनागढ़ == जूनागढ़ और चुडासमा का इतिहास == >जुनागढ का नाम सुनते ही लोगो के दिमाग मे "आरझी हकुमत द्वारा जुनागढ का भारतसंघ मे विलय, कुतो के शोखीन नवाब, भुट्टो की पाकिस्तान तरफी नीति " जैसे विचार ही आयेंगे, क्योकी हमारे देश मे ईतिहास के नाम पर मुस्लिमो और अंग्रेजो की गुलामी के बारे मे ही पढाया जाता है, कभी भी हमारे गौरवशाली पूर्खो के बारे मे कही भी नही पढाया जाता || जब की हमारा ईतिहास इससे कई ज्यादा गौरवशाली, सतत संघर्षपूर्ण और वीरता से भरा हुआ है || > जुनागढ का ईतिहास भी उतना ही रोमांच, रहस्यो और कथाओ से भरा पडा है || जुनागढ पहले से ही गुजरात के भुगोल और ईतिहास का केन्द्र रहा है, खास कर गुजरात के सोरठ प्रांत की राजधानी रहा है || गिरीनगर के नाम से...