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वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, महानतम स्वतंत्रता सेनानी क्यों? Why maharana pratap, the greatest ever freedom fighter?

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वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप , राष्ट्रभक्तो  के आदर्श maharana pratap, the greatest ever freedom fighter आजकल कुछ लोग महाराणा प्रताप की लोकप्रियता पर सवाल उठाते हैं, उनको नायक बताए जाने पर सवाल उठाते हैं, उनको भारत का प्रथम स्वतंत्रता सेनानी कहने पर सवाल करते हैं, उनकी वीरता पर सवाल करते हैं, वो कहते हैं कि एक छोटे से राज्य के छोटे से राजा को इतना सम्मान क्यों? एक छोटा से राज्य का राजा अकबर से महान क्यों? जिनको भी इस तरह की शंकाए हैँ उन्हें यह पोस्ट  जरूर पढ़ाएं-- भारत के अंग्रेजो से स्वतंत्रता के आंदोलन में क्रान्तिकारियो के लिये मेवाड़ की धरती, चित्तौड़गढ़ और हल्दीघाटी तीर्थस्थल बन चुके थे। क्रांतिकारी संगठन अनुशीलन समिति के हर सदस्य के लिये मेवाड़ की तीर्थ यात्रा कर चित्तोड़ के विजय स्तम्भ के नीचे शपथ लेना अनिवार्य था। भारतवर्ष से देशभक्त, क्रन्तिकारी हल्दीघाटी की मिट्टी का तिलक करने आते थे। वस्तुतः अंग्रेज़ो की दासता से मुक्ति दिलाने के लिये महाराणा प्रताप के नाम ने जादू का काम किया। महाराणा प्रताप विशाल ब्रितानी साम्राज्य से जूझते राष्ट्रभक्तो के लिये आदर्श और प्रेरणापुंज थे। कर्न...

अमर स्वतंत्रता सेनानी, शहीद महावीर सिंह राठौर Mahaveer singh rathore, the great freedom fighter

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अमर स्वतंत्रता सेनानी, शहीद महावीर सिंह राठौर जी को शत शत नमन _/\_ कृप्या एक बार पूरा पढ़े और शेयर जरूर करें। 16 सितंबर 1904 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के राठौर राजपूतो के ठिकाने राजा का रामपुर के शाहपुर टहला (अब कासगंज जिला) में ठाकुर देवी सिंह जी के यहाँ जन्मे महावीर सिंह ने एटा के राजकीय इंटर कॉलेज से पढाई करने के बाद आगे की पढाई के लिये कानपुर के DAV कॉलेज में दाखिल लिया। महावीर सिंह जी को घर से ही देशभक्ति की शिक्षा मिली थी। कानपुर में इनको क्रान्तिकारियो का सानिध्य मिला और ये पूरी तरह अंग्रेजो के विरुद्ध क्रांतिकारी संघर्ष में कूद पड़े। उनके पिता को भी जब इसका पता चला तो उन्होंने कोई विरोध करने की जगह अपने पुत्र को देश के लिये बलिदान होने के लिये आशीर्वाद दिया। भगत सिंह जैसे अनेक क्रांतिकारी अंग्रेज़ो से छिपने के लिये उनके गाँव के घर में ही रुकते थे। भगत सिंह खुद 3 दिन उनके घर रुके थे। काकोरी कांड और सांडर्स कांड में शामिल होने के बाद वो अंग्रेज़ो के लिये चुनौती बन गए थे। उन्होंने सांडर्स की हत्या के बाद भगत सिंह को लाहौर से निकालने में सक्रीय भूमिका निभाई थी। अपने खिलाफ अंग्रेज़ो के...