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गौरी और पृथ्वीराज का युद्ध

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गौरी और पृथ्वीराज का युद्ध किंवदंतियों के अनुसार गौरी ने 18 बार पृथ्वीराज पर आक्रमण किया था, जिसमें 17 बार उसे पराजित होना पड़ा। किसी भी इतिहासकार को किंवदंतियों के आधार पर अपना मत बनाना कठिन होता है। इस विषय में इतना निश्चित है कि गौरी और पृथ्वीराज में कम से कम दो भीषण युद्ध आवश्यक हुएथे, जिनमें प्रथम में पृथ्वीराज विजयी और दूसरे में पराजित हुआ था।वे दोनों युद्ध थानेश्वर के निकटवर्ती तराइन मै  पृथ्वीराज की सेना कहा जाता है कि पृथ्वीराजकी सेना में तीन सौ हाथी तथा 3,00,000 सैनिक थे, जिनमें बड़ी संख्या में घुड़सवार भी थे। दोनों तरफ़ की सेनाओं की शक्ति के वर्णन में अतिशयोक्ति भी हो सकती है। संख्या केहिसाब से भारतीय सेना बड़ी हो सकती है, पर तुर्क सेना बड़ी अच्छीतरह संगठित थी। वास्तव में यह दोनों ओर के घुड़सवारों का युद्ध था। मुइज्जुद्दीन की जीत श्रेष्ठ संगठन तथा तुर्की घुड़सवारों की तेज़ी और दक्षता के कारण ही हुई। भारतीय सैनिकबड़ी संख्या में मारे गए।तुर्की सेनाने हांसी, सरस्वती तथा समाना के क़िलों पर क़ब्ज़ा कर लिया। इसके बादउन्होंने अजमेर पर चढ़ाई की...

हार्ट अटैक : सहज सुलभ उपाय

99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमूव कर देता है पीपल का पत्ता.... पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों। प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें। पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा तैयार। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें। * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है। * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं। * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें। * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का ...

माँ

मेरी माँ की सिर्फ एक ही आँख थी और इसीलिए मैं उनसे बेहद नफ़रत करता था | वो फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान चलाती थी | उनके साथ होने पर मुझे शर्मिन्दगी महसूस होती थी | एक बार वो मेरे स्कूल आई और मै फिर से बहुत शर्मिंदा हुआ | वो मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती है ? अगले दिन स्कूल में सबने मेरा बहुत मजाक उड़ाया | मैं चाहता था मेरी माँ इस दुनिया से गायब हो जाये | मैंने उनसे कहा, 'माँ तुम्हारी दूसरी आँख क्यों नहीं है? तुम्हारी वजह से हर कोई मेरा मजाक उड़ाता है | तुम मर क्यों नहीं जाती ?' माँ ने कुछ नहीं कहा | पर, मैंने उसी पल तय कर लिया कि बड़ा होकर सफल आदमी बनूँगा ताकि मुझे अपनी एक आँख वाली माँ और इस गरीबी से छुटकारा मिल जाये | उसके बाद मैंने म्हणत से पढाई की | माँ को छोड़कर बड़े शहर आ गया | यूनिविर्सिटी की डिग्री ली | शादी की | अपना घर ख़रीदा | बच्चे हुए | और मै सफल व्यक्ति बन गया | मुझे अपना नया जीवन इसलिए भी पसंद था क्योंकि यहाँ माँ से जुडी कोई भी याद नहीं थी | मेरी खुशियाँ दिन-ब-दिन बड़ी हो रही थी, तभी अचानक मैंने कुछ ऐसा देखा जिसकी कल्पना भी नहीं की थी | सामने मेरी माँ खड़ी थी, आज भी अपनी...

माँ के मनोभाव

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75 साल की उस बुढ़िया माँ का वजन लगभग 40  किलो होगा !!  आज जब तबियत बिगड़ने पर वो डॉक्टर को दिखाने  गयी !! डॉक्टर ने कहा'माताजी आप हेल्थ काख्याल रखिये !! आप  का वजन जरूरत से ज्यादा कम है !! आप खाने में जूस,  सलाद , दूध , फल , घी , मेवा और हेल्थी फ़ूड लिजियें !!  नहीं तो आपकी सेहत दिनों दिन गिरती जायेगी और  हालत नाजुक हो जायेंगे!!' उसने भारी मन से डॉक्टर की बात को सुना और बाहर  निकल कर सोचने लगी, इतनी महंगाई में ये सब कहाँ से  आएगा......???  और पिछले पचास सालों में, फ्रूट, घी, मेवा घर में  लाया कौन है....??? बहुत ही मामूली पेंसन से जो थोडा बहुत पैसा मिलता है  उससे घर के जरुरी सामान तो पति ले आतें है, लेकिन फल,  जूस, हरी सब्जी, ये सब पतिने कभी ला कर  नहीं दिया,....और खुद भी कभी ये सब खरीदने की हिम्मत  नहीं कर सकी....क्यूंकि जब भी मन करता कुछ खाने का,  खाली पर्स हमेशा मुंह चिढाने लगता.... नागपुर (विदर्भ) जैसे शहर में ... मामूली सी नौकरी में  और जिंदगी की गहमागहमी में सारी जमा पूंजी,  पति का PF , घर की ...

सफेद बालों के लिए घरेलू नुस्खे

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बाल खूबसूरती का पैमाना होते हैं और कई मामलों में सेहत का भी। लेकिन, आजकल प्रदूषण की मार हमारे बालों को भी प्रभावित कर रही है। और ऊपर से हानिकारक कैमिकल युक्त उत्पादों का इस्तेमाल बालों पर और भी बुरा असर डालते हैं। नतीजा, समय से पहले ही बाल पककर सफेद होने लगते हैं। लेकिन, बालों को वक्त से पहले ही सफेद होने से बचाने के लिए कई घरेलू नुस्खे बहुत कारगर साबित होते हैं। आइये दादी मां की पोटली से निकले कुछ ऐसे ही नस्खों के बारे में जानते हैं जो, वक्त से पहले आपके बालों को पकने से रोकेंगे।और सफेद बालों को काला करने में भी मदद करेंगे वो भी बिना हानिकारक केमिकल्स- प्याज का पेस्ट, वैरी बॅस्ट प्याज आपके सफेद बालों को काला करने में मदद करता है। कुछ दिनों तक रोजाना नहाने से कुछ देर पहले अपने बालों में प्याज का पेस्ट लगायें। इससे आपके सफेद बाल तो काले होने शुरू हो ही जाएंगे, लेकिन साथ ही बालों का गिरना भी रुक जाएगा। नींबू और आंवला करे कमाल बालों के लिए नींबू और आंवला कितने फायदेमंद है, यह बताने की जरूरत नहीं। विटामिन-सी से भरपूर ये दोनो पदार्थ बालों के लिए किसी अमृत से कम नहीं। अगर आप अपने सफेद बालों ...

सौंफ

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सौंफ त्रिदोषनाशक है. इस की तासीर ठंडी है , पर यह जठराग्नि को मंद नहीं करती. आंखों की रोशनी सौंफ का सेवन करके बढ़ाया जा सकता है। सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लीजिए। इससे आंखों की रोशनी बढती है। सौंफ खाने से पेट और कब्ज की शिकायत नहीं होती। सौंफ को मिश्री या चीनी के साथ पीसकर चूर्ण बना लीजिए, रात को सोते वक्त लगभग 5 ग्राम चूर्ण  को हल्केस गुनगने पानी के साथ सेवन कीजिए। पेट की समस्या नहीं होगी व गैस व कब्ज दूर होगा। डायरिया होने पर सौंफ खाना चाहिए। सौंफ को बेल के गूदे के साथ सुबह-शाम चबाने से अजीर्ण समाप्त होता है और अतिसार में फायदा होता है। खाने के बाद सौंफ का सेवन करने से खाना अच्छे से पचता है। सौंफ, जीरा व काला नमक मिलाकर चूर्ण बना लीजिए। खाने के बाद हल्के गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लीजिए, यह उत्तम पाचक चूर्ण है।   अगर आप चाहते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर न बढ़े तो खाने के लगभग 30 मिनट बाद एक चम्मच सौंफ खा लें। आधी कच्ची सौंफ का चूर्ण और आधी भुनी सौंफ के चूर्ण में हींग और काला नमक मिलाकर 2 से 6 ग्राम मात्रा मे...

‎*****पान के औषधीय गुण

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भारतीय संस्कृति में पान को हर तरह से शुभ माना जाता है। धर्म, संस्कार, आध्यात्मिक एवं तांत्रिक क्रियाओं में भी पान का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। इसके अलावा पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। खाना खाने के बाद और मुंह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल लाभप्रद माना जाता है ****************************** ****************** * पान में दस ग्राम कपूर को लेकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है। इसके इस्तेमाल में एक सावधानी रखना जरूरी होती है कि पान की पीक पेट में न जाने पाए। * चोट लगने पर पान को गर्म करके परत-परत करके चोट वाली जगह पर बांध लेना चाहिए। इससे कुछ ही घंटों में दर्द दूर हो जाता है। खांसी आती हो तो गर्म हल्दी को पान में लपेटकर चबाएं। * यदि खांसी रात में बढ़ जाती हो तो हल्दी की जगह इसमें अजवाइन डालकर चबाना चाहिए। यदि किडनी खराब हो तो पान का इस्तेमाल बगैर कुछ मिलाए करना चाहिए। इस दौरान मसाले, मिर्च एवं शराब (मांस एवं अंडा भी) से पूरा परहेज रखना जरूरी है। * जलने...