आधुनिक काल में क्षत्रिय राजपूतों की क्षेत्रवार उपाधियाँ



















                             -------------आधुनिक काल में क्षत्रिय राजपूतों की क्षेत्रवार उपाधियाँ---------------





👉राजस्थान में --बन्ना,कुंवर सा ,हुकुम,राव,रावल,दाता,भाभा



👉गुजरात में --बापू और दरबार ,गरासिया,राणा,काठी दरबार



👉वेस्ट यूपी में--राणा जी, ठाकुर साहब


👉हरियाणा में--राणा जी और ठाकुर साहब,लम्बरदार नम्बरदार जेलदार,कुँवर,भँवर 



👉पंजाब में--राणा ,राणे,राजे



👉जम्मू में -राजा जी, राजे, मियां जी



👉बिहार में -बाबू साहेब, सिंह साहब, बबुआन



👉ईस्ट यूपी में -सिंह साहब, बाबू साहेब और ठाकुर साहब



👉त्तराखण्ड में-रावत,नेगी, बिष्ट, ठाकुर, राणा



👉मध्य प्रदेश में -ठाकुर, दाऊ साहब, जूदेव, लाल साहब, दरबार होकुम, रावला,पटेल 



👉हिमाचल प्रदेश में -ठाकुर,मिया जी



👉आंध्र में -राजू,वर्मा,गजपति



👉महाराष्ट्र में -राणे पाटिल देशमुख गिरासे इनामदार सांवन्त



👉केरला में -नायर 



👉तमिलनाडु में-बोंदिली



👉बंगाल में -सिंहरॉय



👉छत्तीसगढ़ में-ठाकुर साहब ,सिंहदेव



👉झारखण्ड में--सिंह साहब,बाबू साहेब,शाहदेव



👉उड़ीसा में--सिंहदेव/ शाहदेव /भंजदेव/गजपति /सांवन्त 



👉पाकिस्तान में -राणा,राजा, राव



👉नेपाल में--ठाकुरी,राणा,शाह  



👉पूर्वोत्तर में--राजवंशी,वर्मन 

💪कहीं कहीं लाल साहब(बघेलखण्ड)/राव साहब/ राव जी/ रावल /जाम साहब/रजवार/राजराणा/राजधर/दाऊ साहब/सरकार /सिन्हा/शाही/ राय साहब/चौधरी/मैत्रक/ठाकोर साहिब/राजन्य/राजनका/कुंवर/भँवर ये सब क्षत्रियों की उपाधियाँ हैं
🔫
पहले वर्मा और चौधरी भी क्षत्रिय ही लिखते थे।अब तो हर कोई ऐरा गैरा 🐗 राजपूतो के सरनेम लगाकर शेर बनता है और आरक्षण लेने को भीख का कटोरा लेकर खड़ा हो जाता है।


(कोई और उपाधि हमसे छूट गयी हो तो जरूर बताएं हम पोस्ट एडिट✅ कर देंगे)👆👆👆👆






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